नई दिल्ली, भारतीय रेलवे ने स्टेशन पर अनारक्षित टिकटों को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ अब स्थानीय भाषाओं में भी छापने की सुविधा शुरू की है, फिलहाल कन्नड़ भाषा से इसकी शुरूआत की गई है।
रेल मंत्रालय के अनुसार भारतीय रेल ने अनारक्षित टिकट प्रणाली (यूटीएस) के माध्यम से जारी अनारक्षित टिकटों पर स्थानीय भाषा में टिकट के विवरण छापने की सुविधा शुरू की है। पहला विवरण कन्नड़ में छपेगा। परीक्षण के तौर पर दक्षिण-पश्चिमी रेलवे के मैसूरू, बंगलुरू तथा हुबली स्टेशनों पर 1 मार्च से एक काउंटर से टिकट जारी किए जा रहे हैं। 2 मार्च से इस सुविधा का विस्तार कर्नाटक के सभी स्टेशनों पर कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कर्नाटक और तमिलनाडु के लोगों की काफी लम्बे समय से रेल टिकट और रेलवे के फार्म पर हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ उनकी स्थानीय भाषा कन्नड़ को भी स्थान दिए जाने की मांग रही है।