गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। हिमखंड जोन में छह से दस फीट तक बर्फ काटकर रास्ता बनाया गया है। मार्ग को घोड़ा-खच्चरों के सुरक्षित किया जा रहा है, जिससे जल्दी ही धाम तक सामान ढुलान हो सके। मजदूर लिनचोली से छानी कैंप और छानी कैंप से रुद्रा प्वाइंट तक बर्फ की सफाई करते हुए केदारनाथ तक पहुंच गए है।
लोक निर्माण विभाग के 70 मजदूरों द्वारा बर्फ प्रभावित क्षेत्र में रास्ते को और दुरस्त किया जा रहा है। साथ ही हिमखंड जोन और फिसलन वाली जगहों पर सुरक्षा के लिए मिट्टी व पत्थर का उपयोग किया जा रहा है, जिससे किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं रहे। हिमखंड जोन पर आठ से दस फीट तक बर्फ काटकर रास्ता तैयार किया गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विनय झिक्वांण ने बताया कि गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को धाम तक पैदल आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। रामबाड़ा से केदारनाथ तक पैदल मार्ग बर्फ से व्यापक रूप से प्रभावित है। यहां दो से ढाई फीट तक बर्फ जमी बर्फ को साफ कर रास्ते को आवाजाही लायक बनाया गया है। बीते 14 मार्च से बर्फ सफाई का कार्य शुरू किया गया और 70 मजूदरों द्वारा 20 दिन में 9 किमी क्षेत्र में बर्फ की सफाई कर दी गई है। अब, रुद्रा प्वाइंट से मंदिर तक बर्फ साफ की जाएगी। उम्मीद है कि यात्रा शुरू होने तक रास्ते व धाम की ज्यादातर बर्फ पिघल जाएगी