नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में प्याज का खुदरा भाव 55-60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुका है।
सूत्रों का कहना है कि प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में मानसून की भारी बारिश से आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसकी वजह से इसकी कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। प्याज की कीमत में यह तेजी लासनगांव से लेकर पूरे देश में बनी हुई है।
एशिया की सबसे बड़ी आजादपुर मंडी के आढ़ती एच.एच.भल्ला ने सोमवार को बताया कि थोक भाव में प्याज 46 रुपये प्रति किलो तक गया है। लगातार हो रही बारिश की वजह से प्याज की फसलें खराब हो जाने के कारण कीमतों में तेजी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्याज की कीमत में ये तेजी थोड़े ही दिनों के लिए है। जैसे ही अगले महीने प्याज की नई फसल आएगी, वैसे ही दाम नियंत्रित हो जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों हो रही बारिश और बाढ़ की वजह से फसलें खराब हो गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में अभी भंडारण वाला प्याज ही बेचा जा रहा है। नई फसल बाजार में आने के बाद कीमतें कम हो जाएंगी।
हालांकि केंद्र सरकार ने प्याज की बढ़ती कीमत पर नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन उसका असर कहीं दिख नहीं रहा
है। उपभोक्ता एवं आपूर्ति मामलों के मंत्रालय ने प्याज के निर्यात पर कीमत तय करने के अलावा बफर स्टॉक से प्याज लेकर राशन की दुकान के माध्यम से बेचने और मदर डेयरी के सफल स्टोर के जरिए भी दिल्ली-एनसीआर में बेचने की बात कही थी। सफल के स्टोर पर तो प्याज एकाध बार दिखाई दिया है, परंतु राशन की दुकान पर प्याज कहीं नजर नहीं आ रहा। ऐसे में केंद्र सरकार प्याज व्यापारियों के भंडारण की सीमा तय करने पर विचार कर रही है।
इसी बीच उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में पिछले हफ्ते प्याज की खुदरा कीमत 57 रुपये प्रति किलो तक रही। मायानगरी मुंबई में यह 56 रुपये, कोलकाता में 48 रुपये और चेन्नई में 34 रुपये प्रति किलो थी। लेकिन गुरुग्राम और जम्मू में प्याज की कीमत 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। हालांकि आंकड़ों के मुताबिक पिछले हफ्ते के अंत तक प्याज का खुदरा भाव 60 से 70 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया था, जबिक इससे पिछले हफ्ते ये कीमत 50 से 60 रुपये प्रति किलो था।